प्रेत आएगा
किताब से निकाल ले जाएगा प्रेम पत्र
गिद्ध उसे पहाड़ पर नोच-नोच खाएगा
चोर आएगा तो प्रेम पत्र चुराएगा
जुआरी प्रेम पत्र पर ही दांव लगाएगा
ऋषि आएंगे तो दान में मागेंगे प्रेम पत्र
बारिश आएगी तो
प्रेम पत्र ही गलाएगी
आग आएगी तो जलाएगी प्रेम पत्र
बन्दिशें प्रेम पत्र पर ही लगाई जाएंगी
साँप आएगा तो डँसेगा प्रेम पत्र
झींगुर आएंगे तो चाटेंगे प्रेम पत्र
कीड़े प्रेम पत्र ही काटेंगे
प्रलय के दिनों में
सप्तर्षि, मछली और मनु
सब वेद बचाएंगे
कोई नहीं बचाएगा प्रेम पत्र
कोई रोम बचाएगा
कोई मदीना
कोई चाँदी बचाएगा, कोई सोना
मैं निपट अकेला
कैसे बचाऊंगा तुम्हारा प्रेम पत्र ।
................. बद्रीनारायण
किताब से निकाल ले जाएगा प्रेम पत्र
गिद्ध उसे पहाड़ पर नोच-नोच खाएगा
चोर आएगा तो प्रेम पत्र चुराएगा
जुआरी प्रेम पत्र पर ही दांव लगाएगा
ऋषि आएंगे तो दान में मागेंगे प्रेम पत्र
बारिश आएगी तो
प्रेम पत्र ही गलाएगी
आग आएगी तो जलाएगी प्रेम पत्र
बन्दिशें प्रेम पत्र पर ही लगाई जाएंगी
साँप आएगा तो डँसेगा प्रेम पत्र
झींगुर आएंगे तो चाटेंगे प्रेम पत्र
कीड़े प्रेम पत्र ही काटेंगे
प्रलय के दिनों में
सप्तर्षि, मछली और मनु
सब वेद बचाएंगे
कोई नहीं बचाएगा प्रेम पत्र
कोई रोम बचाएगा
कोई मदीना
कोई चाँदी बचाएगा, कोई सोना
मैं निपट अकेला
कैसे बचाऊंगा तुम्हारा प्रेम पत्र ।
................. बद्रीनारायण